संसार का सबसे प्रसिद्ध भयभीत प्रेतात्मा भूत बंगला- Borley Rectory

संसार का सबसे प्रसिद्ध भयभीत प्रेतात्मा भूत बंगला- Borley Rectory

Borley Rectory- प्रसिद्ध भूत-बंगला,  मेरीन लाइरिन नामक एक तपस्विनी की आत्मा

संसार का सबसे प्रसिद्ध भूत-बंगला है-इंग्लैंड का Borley Rectory । ‘बोरली रेक्टारी’ बंगला किसी साधारण व्यक्ति का घर नहीं, बल्कि इंग्लैंड के पादरी का निवास स्थान था। हैरानी की बात है कि इस बंगले में मेरीन लाइरिन नामक एक तपस्विनी की आत्मा सन् 1863 से निरंतर भटक रही है। यही नहीं, कभी-कभी बंगले के इर्द-गिर्द मेरी लाइरिन को भूतिया घोड़ों और बग्घियों पर घूमता देखा जा सकता है।

Borley Rectory- प्रसिद्ध भूत-बंगला,  मेरीन लाइरिन नामक एक तपस्विनी की आत्मा

‘फोक, मिथस एंड लिजंड्स ऑफ ब्रिटेन’ के अनुसार सर्वप्रथम ‘बोरली रेक्टारी’ भवन में, पादरी एच०डी० बुल रहने आए। जब-जब बुल साहब निजी कमरे में आराम करने के लिए जाते, तब-तब उन्हें खिड़की में झूमती एक ‘काली छाया’ भयभीत किया करती। यह देख, बुल अपने होश-हवास खो बैठते और खौफजदा हो जाते । सन् 1927 तक ‘काली छाया’ द्वारा खिड़की में झूमने की घटना जारी रही।

‘काली छाया’ ‘बोरली रेक्टारी’ बंगला, तपस्विनी की आत्मा

फिर हैरी बुल अपने पिता के पद पर पादरी नियुक्त हुए। वक्त के साथ-साथ भूत ने और जोर पकड़ लिया। अब तो भूत दिन के समय भी दिखाई देने लगा और तो और पादरी के नौकर-चाकरों, माली और डाकिए को भी भूत ने तंग करना शुरू कर दिया।

'काली छाया' 'बोरली रेक्टारी' बंगला, तपस्विनी की आत्मा

हैरी बुल ने शीघ्र ही भूत के भय से त्याग-पत्र दे दिया। नए पादरी इरीक स्मिथ ने कार्य-भार सम्भाला। इरीक स्मिथ के आते ही, मेरीन लाइरिन के भूत ने आतंक मचा दिया। दीवारों और शीशों पर भूत मौत की धमकी-भरे संदेश लिख जाता! अंततः परेशान होकर, स्मिथ ने इंग्लैंड के प्रसिद्ध समाचार-पत्र ‘डेली मिरर’ के सम्पादक से सम्पर्क किया। सम्पादक ने एक होनहार संवाददाता हैरी प्राइज को ‘बोरली रेक्टारी’ भवन भेज दिया।

भयभीत प्रेतात्मा – Borley Rectory भूत-बंगला आतंक

संवाददाता हैरी प्राइज ‘डेली मिरर’ के लिए रोचक सामग्री एकत्र करने के सिलसिले में इस हैरत के मामले की बारीकी से जांच करने लगा। जांच-पड़ताल के दौरान एक दिन अचानक हैरी के सिर पर मोबत्तियां आ गिरी । वह बहुत घबरा गया क्योंकि कमरे में उसके अलावा अन्य कोई नहीं था। उसके मन में एक प्रश्न उठा-‘फिर मोमबत्तियां किसने फेंकी?’

इस घटना के पश्चात् हैरी को भी भूत-प्रेतों पर यकीन होने लग गया। थोड़े ही दिनों में ‘बोरली रेक्टारी’ पर भूत के हमले की खबर इंग्लैंड के सभी समाचार-पत्रों के मुख पृष्ठों पर सुर्खियों में छपी। प्रेतात्मा के दिनो-दिन बढ़ते आतंक से पादरी ईरीक स्मिथ बहुत परेशान हो गए।

आखिरकार उन्होंने भी पादरी के पद को त्यागकर, भूत से मुक्ति पा ली। फिर इरीक स्मिथ की जगह लाइनल फोरेस्टर अपनी धर्मपत्नी मारीना सहित ‘बोरली रेक्टारी’ बंगले में पधारे। सन् 1930 से 1934 के बीच, बंगले की सभी दीवारों पर मारीना फोरेस्टर के नाम पेंसिल से भूत द्वारा संदेश लिखे जाने लगे! दीवारों पर अस्पष्ट अंग्रेजी भाषा में लिखा होता, जिसका मतलब था-‘मारीना, मेरी सहायता करो!’

इस घटना के पश्चात् 27 मई, 1938 को एक और आत्मा प्रकट हुई और बोली-‘आज रात यह बंगला जलकर खाक हो जाएगा।’

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मजेदार बात है कि अज्ञात भूत द्वारा की गई अशुभ भविष्यवाणी कई महीने पश्चात् सत्य सिद्ध हुई। 27 फरवरी, 1939 को प्रातः ही किन्हीं रहस्यमय परिस्थितियों में पूरा ‘बोरली रेक्टारी’ देखते-ही-देखते आग की लपटों में स्वाह हो गया। संवाददाता हैरी प्राइज ने सन् 1943 में खंडहरों के बगीचों की खुदाई करवाई। लगभग 3 फुट नीचे से किसी अज्ञात युवती का कंकाल निकला। 

हैरी प्राइज का दावा है कि वह कंकाल मेरीन लाइरिन का ही था।


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